Friday, August 29, 2008

आरती श्री गणेश जी की

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।

एकदन्त दयावन्त चार भुजाधारी ।

मस्तक पर सिन्दूर सोहे मूसे की सवारी ।। जय 0

अन्धन को आंख देत कोढ़िन को काया ।

बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया ।। जय 0

पान चढ़ै फूल चढ़ै और चढ़ै मेवा ।

लडुअन का भोग लागे सन्त करें सेवा ।। जय 0

दीनन की लाज राखो शम्भु-सुत वारी ।

कामना को पूरी करो जग बलिहारी ।। जय 0

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